रामगढ़।ग्राम सभा सूपी में स्थित जैन मंदिर ट्रस्ट और उससे जुड़े निर्माण कार्यों की घोर लापरवाही ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कुछ बाहरी संस्थान और बिल्डर यहां की पवित्र भूमि को सिर्फ अपने स्वार्थ का साधन समझ बैठे हैं। मंदिर एवं होटल परिसर से निकलने वाला सीवर के गंदे पानी को खुले में छोड़ दिया गया है जो कि सूपी, बना और बूढ़ी बना गांवों के प्राकृतिक जलस्रोतों को दूषित करने का काम कर रहा है।यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि स्थानीय जनजीवन और पहाड़ की आत्मा पर सीधा प्रहार है।यह वही पहाड़ हैं जिन्होंने सदियों से अपनी गोद में जल, जंगल और संस्कृति को संजोकर रखा, लेकिन आज कुछ लोग विकास की आड़ में इन्हें प्रदूषण और अव्यवस्था की भेंट चढ़ाने पर आमादा हैं। दुर्भाग्य यह है कि जब-जब स्थानीय अस्मिता पर हमला होता है, तब-तब जिम्मेदार तंत्र की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।जिसको लेकर कांग्रेस नेता लाखन नेगी,गोपाल बिष्ट सहित क्षेत्रवासियों ने जैन मंदिर के समीप धरना दिया।तथा लिखित रूप में ट्रस्ट प्रबंधन को स्पष्ट कर दिया है कि अब इस मनमानी पर विराम लगेगा और तत्काल प्रभाव से इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जवाबदेही चाहती है।आगे पढ़ें क्या कहा लाखन नेगी ने…..
लाखन नेगी कहा कि मैं हमेशा क्षेत्र की जनता, उनके अधिकारों और पहाड़ की अस्मिता की रक्षा के लिए खड़ा रहा हूं और आगे भी हर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहूंगा। यह स्पष्ट संदेश है कि हमारे पहाड़ कोई प्रयोगशाला नहीं, जहां बाहरी लोग अपने मुनाफे के लिए प्रकृति और स्थानीय जीवन से खिलवाड़ करें।यदि भविष्य में किसी ने विकास के नाम पर विनाश की राजनीति करने की कोशिश की, तो जनता लोकतांत्रिक शक्ति से उसका जवाब देगी। अब पहाड़ जाग चुका है, और जागा हुआ पहाड़ अन्याय कभी सहन नहीं करता।
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