नैनीताल।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 15 जून सोमवार को बाबा नीम करौली महाराज के धाम कैंची मंदिर का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया।सुबह पांच बजे से देर शाम तक देश विदेश से आए लाखो भक्तों ने बाबा के दर्शन कर मालपुए का प्रसाद ग्रहण किया। आगे पढ़ें बाबा नीम करौली को माना जाता है भगवान हनुमान का अवतार…..


बाबा नीम करौली को माना जाता है भगवान हनुमान का अवतार।भवाली। कहा जाता है कि बाबा नीम करौली भगवान हनुमान की उपासना करने के बाद अनेक चमत्कारिक सिद्धियां प्राप्त हुई थीं। लोग उन्हें हनुमान जी का अवतार भी मानते हैं लेकिन बाबा बेहद साधारण तरीके से रहते थे और अपने पैर किसी को नहीं छूने देते थे। कहते हैं बाबा हमेशा ही राम नाम का स्मरण करते रहते थे। नीम करौली बाबा के देश विदेशों में कई आश्रम है इनमें से सबसे बड़ा आश्रम कैंची धाम और अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी में स्थित टाउस आश्रम है।आगे पढ़ें चमत्कारी कथाओं से विख्यात है बाबा का धाम…….



चमत्कारी कथाओं से विख्यात है बाबा का धाम।भवाली। स्थानीय लोगों के अनुसार एक बार भंडारे के दौरान प्रसाद बनाते समय घी कम पड़ गया था तभी बाबा ने एक कनिस्तर में नीचे बहने वाली शिप्रा नदी से पानी मंगवाया और उस पानी को प्रसाद में डाला तो कनिस्टर का पानी घी में बदल गया। इसी प्रकार भक्तों का कहना है कि बाबा अपने भक्तों से अत्यधिक प्रेम करते थे। इसलिए एक बार बाबा ने भक्तों को तेज धूप से बचाने के लिए बादल की छतरी बना कर भक्तों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया। बाबा सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपने चमत्कारों की वजह से जाने जाते हैं फेसबुक और एप्पल के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग व स्टीव जॉब्स सहित लोकप्रिय लेखक रिचर्ड अल्बर्ट ने “मिरेकल ऑफ लव” नाम से बाबा पर एक पुस्तक लिखी।आगे पढ़ें खराब फॉर्म से जूझ रहे क्रिकेटर विराट बाबा के दर्शन के बाद लौटे थे फॉर्म में……




खराब फॉर्म से जूझ रहे क्रिकेटर विराट बाबा के दर्शन के बाद लौटे थे फॉर्म में।भवाली। क्रिकेट में खराब फॉर्म से जूझ रहे भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा साथ 17 नवंबर 2022 को बाबा नीम करौली के धाम कैंची मंदिर पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने पूजा अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया था। इस दौरान एक सप्ताह तक वे नैनीताल में ही रहे।और यहां से लौटते ही 10 जनवरी को उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 87 गेंद पर 113 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। जिसके बाद वे लगातार अपनी लय में दिखाई दिए।तब से बाबा के प्रति लोगों की आस्था और अधिक बढ़ गयी है। तब से हर रोज कैंची धाम में देश-विदेश से भक्तों का हुजूम उमड़ने लगा है।और 15 जून स्थापना दिवस पर भी लाखों की संख्या में भक्तों की पहूंचने की उम्मीद जताई जा रही है।





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