उत्तराखण्ड की बेटी नेहा बोरा बीते 23 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर पर केवल पानी के सहारे अनशन पर हैं। मूलरूप से पिथौरागढ़ निवासी 25 वर्षीय नेहा बोरा जेएनयू की पीएचडी छात्रा हैं। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने अपने भविष्य और करियर से ऊपर अपने मुद्दों और छात्रों की मांगों को प्राथमिकता देते हुए यह कठिन रास्ता चुना है।बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर उनकी स्वास्थ्य जांच करने वाली चिकित्सक डॉ. अंजलि छाबड़िया ने उनकी स्थिति को गंभीर बताया है। उनके अनुसार, नेहा का ब्लड शुगर स्तर काफी कम है, शारीरिक क्षमता कमजोर हो गई है और लंबे समय तक भोजन न मिलने के कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं।उन्हें अब वाशरूम जाने के लिये भी व्हील चेयर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है ,नेहा का वजन 8 किलो से ज़्यादा कम हो गया।शुगर लेवल काफी कम हो गया,शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो गयी,जिसका मतलब शरीर में अब संक्रमण फैलना शुरू हो सकता है,शरीर के कई हिस्सों में लकवा जैसी बीमारी हो सकती है,कोमा में जाने का खतरा बढ़ सकता है।
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