धर्म-संस्कृति

आज है खंडग्रास चंद्रग्रहण ज्योतिषाचार्य डॉ. मंजू जोशो ने बताया सूतक व ग्रहण का समय किस पर होगा असर क्या करना है क्या नही जाने पूरी जानकारी 

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ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मंजू जोशी ने बताया कि मंगलवार को चंद्र ग्रहण पड़ रहा है जो कि भारत में दृश्य होगा, इसका धार्मिक महत्व भी रहेगा जिसका सूतक भी मान्य होगा।यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर,अमेरिका,तथा एशिया के कुछ प्रांतों के अतिरिक्त सम्पूर्ण भारत में दिखाई देगा।यह ग्रहण 3 घंटा 27 मिनट तक रहेगा।ग्रहण का सूतक 3 मार्च  को प्रातः 6:20 से प्रारंभ हो जाएगा भारतीय समयानुसार अपराह्न 03:20 से सायं 06:47 तक ग्रहण की अवधि रहेगी।ग्रहण का स्पर्श रहेगा अपराह्न 03:20 पर, मध्य रहेगा सायं 05:03 पर तथा ग्रहण का मोक्ष होगा सायंकाल 06: 47 पर।ग्रहण के नियम वृद्धावस्था, बाल्यावस्था, रोगियों के अतिरिक्त सभी पर लागू होंगे। ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। किसी भी धारदार हथियार का प्रयोग करने से बचें। सुई का प्रयोग ना करें। निद्रा से परहेज करें। इसके अतिरिक्त धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें। गीता रामायण का पाठ करें।ग्रहण के उपरांत स्नानादि करने के उपरांत मंदिर को स्वच्छ करें, उसके बाद ही देव पूजन करें। तथा रसोई घर को भी स्वच्छ करने के बाद भोजन बनाएं। आहे पढ़े सूतक के नियम…..

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सूतक के नियम क्या रहेंगे।स्कन्द पुराण,गरुड़ पुराण, तथा धर्मसिन्धु  जैसे धर्मग्रंथों में उल्लिखित है –ग्रहण के सूतक काल में देव प्रतिमा को स्पर्श करना, शयन करना,  भोजन बनाना,भोजन करना, किसी प्रकार के शुभ कार्य करना, नाखून बाल काटना वर्जित माना गया है।देश और दुनिया पर ग्रहण का प्रभाव किस प्रकार रहेगा।यह चंद्र ग्रहण वैश्विक रूप से प्रतिकूल रहने वाला है, इस ग्रहण के अनेक नकारात्मक प्रभाव आपको देखने को मिलेंगे, वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल रहेगी, शासन सत्ता परिवर्तन के योग बन रहे हैं, साथ अनेक प्रकार के आंदोलन भी देखने को मिलेंगे,सभी जातकों में मानसिक अशांति,आर्थिक मंदी, युद्ध जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।आगे जाने क्या है उपाय…..

उपाय।जिन जातकों का चंद्रमा कमजोर है शनि, राहु, केतु से पीड़ित हो, नीचस्थ हो या छठे, बारहवें भाव में विराजमान हो उन सभी को चंद्र ग्रहण पर सफेद वस्तुएं दान करनी चाहिए– सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, दूध, दही, घी, सफेद पुष्प, शंख, मोती, चांदी, भेंट।ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चंद्रमसे नमः,ॐ सोम सोमाय नमः का जाप करें।

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