नैनीताल।पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल व ईओ रोहिताश शर्मा ने रविवार को प्रेस नोट जारी करते हुए कहा है कि नंदा महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, परंपरा और माँ नैना देवी के आशीर्वाद का प्रतीक है। इस बार हमारा प्रयास है कि इस मेले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए और पूरी गरिमा के साथ आयोजित किया जाए।नगर पालिका परिषद के सभी सदस्य इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहे हैं।आगे पढ़ें पूरी खबर………
हम सभी नागरिकों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील करते है कि वे इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और मिलकर इसे सफल बनाएं। हमारी प्राथमिकता है नैनीताल की परंपरा को सम्मान देना, नगर पालिका की गरिमा को बनाए रखना और माँ नैना देवी के मेले को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करना है, जहाँ तक मेले के टेंडर की धनराशि को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही कि बोर्ड बैठक में 70 लाख रुपये रखी गयी थी लेकिन लेकिन इस धनराशि में जब बाद में 55 लाख रुपये की गई थी।बता दे कि बोर्ड बैठक में टेंडर की धनराशि अनुमानित राशि रखी गई थी वो भी बिना स्टीमेट के।70 लाख रुपये के निविदा कोई टेंडर नहीं आया, ऐसे में समय की कमी को देखते हुए टेंडर के लिए अवर अभियन्ता से स्टीमेट तैयार कराया जो 42 लाख रुपये की राशि बना इस राशि को बड़ाकर 55 लाख रुपये रखा इसलिए अल्प अवधि में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई जो धार्मिक कार्यक्रम मेला का आयोजन जनहित, पालिकाहित में आमंत्रित टेण्डर को सरकार द्वारा गठित समिति द्वारा खोला गया है ।बता दे कि पूर्व मैं टीन ठोक कर दुकानों बनायी जाती थीं।लेकिन इस बार मेले में वाटरप्रूफ़ केनोपी, जर्मन हैंगर, पकोड़ा स्टेज आदि सभी भव्य रूप से तैयारी की जा रही है इसलिए टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। और अगर कुछ अनिमियता होती तो लोग इसका विरोध करते लेकिन केवल दो तीन लोग ही विरोध क्यों कर रहे है।जबकि पूरे टेंडर प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है।
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