नैनीताल।मां नंदा देवी महोत्सव के तहत रविवार को अष्टमी के मौके पर सुबह चार बजे से ही दूर-दूर से हजारों की संख्या में पहुंचे भक्तों ने घंटो लंबी लाइन में इंतजार कर मां नंदा-सुनंदा के दर्शन किए।शनिवार को सेवा समिति भवन में कलाकारों द्वारा कदली वृक्ष से मां नंदा सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण किया गया।जिसके बाद मूर्तियों को नयना देवी मंदिर में रखा गया जहां पर ब्रह्म मुहूर्त में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए रख दिया गया।बता दे कि नंदा देवी महोत्सव में नैनीताल ही नही अपितु अलग-अलग राज्यों से हर रोज हजारों की सांख्य में भक्त में के दर्शन को पंहुचते है।आगे पढ़ें क्या है मान्यता…..

रामसेवक सभा के सदस्य प्रो.ललित तिवारी ने बताया कि आज मां अपने मायके आ गयी है और अगले चार दिन तक मां नंदा सुनंदा अपने मायके में रहती है।और फिर 5 सितंबर को वे अपने ससुराल को लौट जाएंगे,कहा जाता है कि उनकी विदाई पर इंद्र देवता भी रोते है।इसलिए विसर्जन के दिन बारिश होती है, विदाई के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु नम आंखों से माँ नंदा-सुनंदा को विदाई देते है।
















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