
नैनीताल।सरोवर नगरी नैनीताल में 123वां नंदा देवी महोत्सव का आगाज गुरुवार को हो चुका था,शुक्रवार को मां नंदा सुनंदा के मूर्ति निर्माण के लिए ज्योलिकोट भल्यूटी गॉव से कदली वृक्ष लाया गया।कदली वृक्ष का नगर में पहुँचने पर तल्लीताल वैष्णव देवी मंदिर में तथा सूखाताल में पूजा अर्चना के बाद नैना देवी मंदिर में वृक्ष का स्वागत किया गया।जिसके बाद कुमाऊनी परिधानों में सजी महिलाओं,नगर के विभन्न स्कूली छात्रों व सैकड़ो की संख्या में स्थानीय निवासी व सैलानियों द्वारा माता के जयकारों के साथ भब्य रूप से कदली वृक्ष का नगर भृमण किया गया।इस दौरान महिलाओं द्वारा झोड़े भी गाए गए,नगर भृमण के बाद नयना देवी मंदिर में परिक्रमा के बाद कदली वृक्ष को मूर्ति निर्माण के लिए रख दिया गया। जिसके बाद शनिवार को कदली वृक्ष से मां नंदा-सुनंदा की मूर्ति निर्माण होगा,और रविवार को सुबह ब्रह्ममुहूर्त में माँ नंदा सुनंदा को भक्तों के दर्शनों के लिए रख दिया जाएगा।नगर भृमण के दौरान पूरे दिन भर चटक धूप खिली रही जिसके चलते भक्तों द्वारा आराम से तल्लीताल से मल्लीताल तक सड़क के दोनों ओर खड़े होकर मां नंदा-सुनंदा का स्वागत किया।आगे पढ़ें क्या कहा प्रो ललित तिवारी ने….

रामसेवक सभा के सदस्य प्रो ललित तिवारी ने बताया कि आज मां अपने मायके आ गयी है और अगले चार दिन तक मां नंदा सुनंदा अपने मायके में रहती है।और फिर 7 सितंबर को वे अपने ससुराल को लौट जाएंगे उनकी विदाई पर इंद्र देवता भी रोते है।इसलिए विसर्जन के दिन बारिश होती है, विदाई के दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु नम आंखों से माँ नंदा सुनंदा को विदाई देते है।
















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