अयोध्या। शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के वैश्विक परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले आचार्यों, शिक्षकों एवं विद्वानों को सम्मानित करने हेतु मधुमय एजुकेशनल एवं रिसर्च फ़ाउंडेशन (MEARF) ने वर्ष 2025 के लिए अपने प्रतिष्ठित सम्मान कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा की है। फ़ाउंडेशन की यह पहल देश-विदेश के उत्कृष्ट शिक्षाविदों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करती है, जहाँ उनके शैक्षणिक योगदान को न केवल मान्यता दी जाती है, बल्कि भविष्य की शैक्षिक दिशा को भी परिभाषित करने की प्रेरणा दी जाती है।आगे पढ़ें पूरी जानकारी…..
फ़ाउंडेशन द्वारा जारी किए गए तीन प्रमुख सम्मान इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे।
1. इंटरनेशनल एक्सिलेंस अवार्ड 2025 शिक्षा एवं अनुसंधान के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धियों को रेखांकित करने वाला प्रतिष्ठित सम्मान।2. नेशनल एक्सिलेंस अवार्ड 2025 भारतीय शिक्षा जगत में उत्कृष्ट सेवाओं, नवाचारों एवं योगदान को पहचान देने वाला प्रमुख राष्ट्रीय सम्मान।3. राधाकृष्णन टीचर इनोवेशन अवार्ड 2025 शिक्षण-पद्धति में नवाचार, रचनात्मक शिक्षण मॉडल और प्रभावी कक्षा-प्रबंधन में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाले शिक्षकों हेतु समर्पि इन पुरस्कारों के माध्यम से फ़ाउंडेशन का उद्देश्य उन शिक्षाविदों के कार्यों को रेखांकित करना है, जिन्होंने अपनी विद्वता, समर्पण और अभिनव सोच के माध्यम से शिक्षा को समाज-परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया है। यह कार्यक्रम ज्ञान-आधारित भारत के निर्माण तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
आवेदन तिथि: 01 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026आवेदन प्रपत्र (Proforma) डाउनलोड लिंक:
👉 https://www.mearf.info/award
फ़ाउंडेशन ने शिक्षण एवं अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े सभी योग्य आचार्यों, शोधकर्ताओं, अध्यापकों एवं विद्वतजनों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इस सम्मानित प्रक्रिया का हिस्सा बनें। MEARF का कहना है कि यह पहल उत्कृष्ट शिक्षकों को विश्व-स्तरीय मंच पर पहचान दिलाने के अपने उद्देश्य को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
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