उत्तराखण्ड

शनिवार शरद पूर्णिमा साल का दूसरा चंद्र ग्रहण, शाम 4 बजकर पांच मिनट से सूतक काल प्रारंभ:ज्योतिषाचार्य डॉ.मंजू जोशी

इस वर्ष 28 अक्टूबर 2023 शरद पूर्णिमा पर वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण मेष राशि अश्विनी नक्षत्र में लगेगा। यह ग्रहण संपूर्ण भारत में दिखाई देगा भारत के अतिरिक्त पूर्वी अमेरिका यूरोप अफ्रीका एशिया व आस्ट्रेलिया आदि देश में भी दिखाई देगा और इसका सूतक भी लगेगा और धार्मिक महत्व भी रहेगा यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा।आगे पढ़ें…..

शरद पूर्णिमा उपवास निर्णय 28 अक्टूबर 2023 को शरद पूर्णिमा पर भारतीय समायानुसार  ग्रहण से नौ घंटे पूर्व अपराहन 4:05 से चंद्र ग्रहण का सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा। सूर्य व चंद्र ग्रहण के योग में ससंतान गृहस्थियों का उपवास निषेध माना गया है। लेकिन उपवास का तात्पर्य अन्न ,जल, फल इत्यादि कुछ भी ग्रहण न करने से हैं। दूसरी और धार्मिक शास्त्रकारों ने सूर्य, चंद्र ग्रहण में उपवास, व्रत,जपादि का अक्षय फल बताया है अतः जो श्रद्धालु शरद पूर्णिमा का उपवास करना चाहते हैं अपराह्न 4 बजे से पूर्व फल, दूध, जल, ग्रहण कर उपवास कर सकते हैं। तथा सायंकाल में स्नान कर चंद्रोदय के समय चंद्रमा का मानसिक पूजन, आरती आदि कर सकते हैं लेकिन नैवेद्य में कोई भी पकवान नहीं चढ़ेगा तथा सत्यनारायण जी की मूर्ति का स्पर्श व पूजन नहीं होगा। उपवास कर्ता को पारण,भोजन आदि 29 अक्टूबर 2023 के प्रातः स्नान के बाद सूर्योदय होने पर करना ही शास्त्र सम्मत है। (अतः मेरा व्यक्तिगत मत यह है की संतान दंपतियों को उपवास नहीं रखना चाहिए)आगे पढ़ें…….

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चंद्र ग्रहण का समय। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण स्पर्श होगा 28/29 अक्टूबर रात्रि 1:05 पर। ग्रहण का मध्य होगा 1:44 पर। तथा ग्रहण का मोक्ष समय होगा 2:22 पर।ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं  बाल, वृद्ध अवस्थजनों को छोड़कर अन्य सभी के लिए भोजन आदि निषेध रहेगा।ग्रहण काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। किसी भी धारदार हथियार का प्रयोग करने से बचें। सुई का प्रयोग ना करें। निद्रा से परहेज करें। इसके अतिरिक्त धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करें। गीता रामायण का पाठ करें। जिन लोगो की कुंडली में चंद्रमा राहु से पीड़ित हो केतु से पीड़ित हो या फिर चंद्रमा शनि के साथ विष दोष उत्पन्न  हो रहा हो ऐसे जातकों को चंद्र ग्रहण के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ फल कारक होगा।चंद्रग्रहण का देश और दुनिया एवं सभी राशियों पर प्रभाव के लिए अगले अंक की प्रतीक्षा करें।

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