कुमाऊँ

नैनीताल में विंटर लाइन का अद्भुत नजारा

नैनीताल और इसके आसपास के इलाकों में इन दिनों बेहद ही शानदार नजारा देखने को मिल रहा है शाम आसमान में सुंदर नजारा देखने को मिल रहा है और ये नजारा विंटर लाइन का है। चटक रंगों से सराबोर क्षितिज को देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है।दिनभर चटख धूप के बाद शाम में अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। इन दिनों शाम ढलने के साथ ही नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग पर ताकुला के समीप लाल पीली गुलाबी रंगों से रंगा आसमान का नजारा देखने को मिल रहा है।आगे पढ़ें


क्या होती है विंटर लाइन।
सर्दियों में पहाड़ों पर लाल,पीली और गुलाबी रंगों की लाइनें देखने को मिलती हैं। इसे ही विंटर लाइन कहा जाता है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ठंड के मौसम में वायुमंडल में नमी और मैदानी क्षेत्रों की धूल एक सीमित ऊंचाई के बाद रुक जाने से एक समानांतर रेखा बन जाती है। शाम के समय धूलकण के अधिक ऊपर उठने पर जब उस पर सूर्य की रोशनी पड़ती है तो वह चमक उठती है। धूलकण जितने ज्यादा होते हैं यह लाइन उतनी ही गहरी दिखाई देती है। इसे ही विटर लाइन के नाम से जाना जाता है।आगे पढ़ें

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स्विट्जरलैंड, मसूरी, मिजोरम व नैनीताल से दिखती है विंटर लाइन। विंटर लाइन एक खास मौसम में ही दिखती है। ये नवंबर से दिसबंर के बीच ही नजर आती है।विंटर लाइन का ये नजारा लगभग दो महीने तक नजर आता है। दुनिया में विंटर लाइन केवल स्विट्जरलैंड, मसूरी, मिजोरम और नैनीताल में ही नजर आती है।

नैनीताल हनुमानगढ़ से विंटर लाइन का अद्भुत नजारा
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